मराठी कविता इयत्ता ४ थी
| 1. धरतीची आम्ही लेकरे | |
| 2. या भारतात बंधुभाव | |
| 3. असो बरकत धुळ पेरणीला | |
| 4. नाखवा दादा नाखवा दादा | |
| 5. चवदार तळयाचे पाणी | |
| 6. वाटते सानुली | |
| 7. नदीच्या शेजारी | |
| 8. पावसा रे पावसा रे | |
| 9. मना खांदेशनी माटी |
संकेतस्थळ मांडणी : संजय पुळकुटे (स.शि. म.न.पा.शाळा क्र.3, लातूर) संपर्क 8888390948
प्रजासत्ताक दिन: पाचवे दर्जेदार भाषण १. "दे सलामी या तिरंग्याला, ज्यामुळे तुझी शान आहे, हा ध्वज नेहमी उंच राहू दे, जोपर्यंत तुझ्यात प...
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